तुम्हारे दरश को मइया सब दल उमहे, मढ़िया के खोलो किमार हो माँ

तुम्हारे दरश को मइया सब दल उमहे
मढ़िया के खोलो किमार हो माँ,
मइया मढ़िया के खोलो किमार हो माँ

कै दल उमहे मइया ब्राह्मण बनिया,
कै दल उमहे कलार हो माँ, मइया ......

दस दल उमहे मइया ब्राह्मण बनिया,
नौ दल उमहे कलार हो माँ, मइया ......

काहा चढ़ावे मइया ब्राह्मण बनिया,
काहा चढ़ावे कलार हो माँ, मइया ......

ध्वजा नारियल मइया ब्राह्मण बनिया,
मद की धार कलार हो माँ, मइया ......

काहा माँगे मइया ब्राह्मण बनिया,
काहा माँगे कलार हो माँ, मइया ......

धन-दौलत माँगे मइया ब्राह्मण बनिया,
पूता माँगे कलार हो माँ, मइया ......

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