जब सीता जी थीं गर्भवती, गर्भवती, गर्भवती। - Tarj - जब जिद पे आ गई पार्वती, पार्वती, पार्वती।


जब सीता जी थीं गर्भवती,

गर्भवती, गर्भवती।

समझाने पहुँचे लक्ष्मण जी,

लक्ष्मण जी, लक्ष्मण जी।

काय दुख सह रही,

काय को रो रही,

काय दुख सह रही,

काय को रो रही,

ऐसे वन में जाने,

ऐसे वन में जाने।


छोड़ अयोध्या चली सीता जी,

सीता जी, सीता जी।

वाल्मीकि ऋषि ने दिया सहारा,

दिया सहारा, दिया सहारा।

काहे डर रही,

काहे घबरा रही,

काहे डर रही,

काहे घबरा रही,

आश्रम में रह जाने,

आश्रम में रह जाने।


लव-कुश दोनों जन्मे प्यारे,

जन्मे प्यारे, जन्मे प्यारे।

वाल्मीकि जी ने शिक्षा दी,

शिक्षा दी, शिक्षा दी।

राम कथा सुना रहे,

राम के गुण गा रहे,

राम कथा सुना रहे,

राम के गुण गा रहे,

अयोध्या में सुनाने,

अयोध्या में सुनाने।

जब सीता जी धरती पुकारें,

धरती पुकारें, धरती पुकारें।

धरती मैया गोद में लेंगी,

गोद में लेंगी, गोद में लेंगी।

काहे दुख सह रही,

काहे अब रो रही,

काहे दुख सह रही,

काहे अब रो रही,

धरती में समाने,

धरती में समाने।

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