गौरी गणेश मनाऊँ आज सुध लीजे हमारी



गौरी गणेश मनाऊँ आज सुध लीजे हमारी…

सुरहिन गैया को गोबर मँगाऊ,

दिग धर अगना लीपाऊं,

आज सुध लीजे हमारी,

गौरी गणेश मनाऊँ आज सुध लीजे हमारी…


गंगा जल से स्नान कराऊँ,

पीताम्बर पहनाऊं,

आज सुध लीजे हमारी,

गौरी गणेश मनाऊँ आज सुध लीजे हमारी…


हरी हरी दूब मैं खूब चढ़ाऊँ,

चन्दन घोल लगाऊं

आज सुध लीजे हमारी,

गौरी गणेश मनाऊँ आज सुध लीजे हमारी...


पहली पूजा करूँ तुम्हारी,

पहली पूजा करू तुम्हारी,

लड्डू भोग लगाऊं,

आज सुध लीजे हमारी ...

गौरी गणेश मनाऊँ आज सुध लीजे हमारी…

Comments

Popular posts from this blog

सब देवों ने फूल बरसाये, महाराज गजानन आये

हे सिंहवाहिनी जगदम्बे

पीले सिंहों पे सवार मइया ओढ़े चुनरी

हे ज्योति रूप ज्वाला माँ, तेरी ज्योति सबसे न्यारी है

अम्बे तू है जगदम्बे काली, जय दुर्गे खप्पर वाली